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Monday, 27 May 2013

bed counsling


पांच जून से होगी बीएड काउंसिलिंग
गोरखपुर : प्रदेश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संचालित बीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग 5 जून से शुरू हो कर 20 जून तक चलेगी। तीन चरणों में होने वाली काउंसिलिंग को और सुविधाजनक बनाया गया है। अब अभ्यर्थी घर बैठे या साइबर कैफे से मनपंसद का कालेज चुन सकता है।
5 जून से काउंसिलिंग प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों के 24 निर्धारित केंद्रों पर होगी। काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को 'वित्त अधिकारी' दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के नाम पांच सौ रुपये में से चार सौ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट काउंसिलिंग केंद्र पर जमा करना होगा। शेष 100 रुपये वह महाविद्यालय शुल्क के साथ बैंक में जमा किया जाएगा। सामान्य रैंक के लिए निर्धारित चरण में किसी कारणवश अभ्यर्थी काउंसिलिंग से वंचित हो गया हो तो वह अगले चरण की काउंसिलिंग में शामिल हो सकता है, लेकिन उसे बचे हुए महाविद्यालयों में से ही विकल्प चुनना होगा। जब कि इस बार काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के बाद अभ्यर्थी दोबारा काउंसिलिंग में शामिल नहीं हो सकता।
ऐसे होगी काउंसिलिंग
1. रिजल्ट आने के साथ ही प्राप्त अंक की जानकारी दी जाएगी, बाद में अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग सेंटर की सूचना दी जाएगी।
2. अभ्यर्थी चार सौ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सेंटर पर जमा करेगा जहां उसके मूल अभिलेखों का सत्यापन होगा और च्वाइस लाक के लिए उसके मोबाइल पर पासवर्ड भेजा जाएगा। साथ ही कालेजों की सूची दी जाएगी।
3. इंटरनेट के माध्यम से वह बीएड की अधिकारिक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटयूपीबीएडडाटएनआइसीडाटइन पर जाएगा जहां उसे पासवर्ड बदलना होगा।
4. पासवर्ड को बदलने के बाद अभ्यर्थी तीन दिनों तक च्वाइस लाक की प्रक्रिया चलेगी। तीसरे दिन रात 12 बजे तक वह अपनी पसंद बदल सकता है।
5. अगले दिन दोपहर 12 बजे के बाद अभ्यर्थी को उसकी सामान्य रैंक और श्रेणी के अनुरूप कालेज आवंटित कर दिया जाएगा जिसे वह उसी दिन आनलाइन देख भी सकता है।
6. च्वाइस लाक किए गए कालेजों पर सहमती के बाद अभ्यर्थी इंटरनेट के जरिए देय शुल्क प्रवेश के चालान फार्म प्रिंट आउट प्राप्त कर सकता है।
7. चालान द्वारा अभ्यर्थी अपना शुल्क प्रदेश भर के किसी भी इलाहाबाद बैंक की शाखा में जमा कर सकता है। बैंक से प्राप्त ट्रांजेक्शन आईडी लेकर, दूसरे दिन नेट से अपना 'कन्फर्मेशन लेटर' प्राप्त कर संबंधित महाविद्यालय में प्रवेश ले सकता है।
काउंसिलिंग प्रक्रिया का तिथि वार कार्यक्रम
प्रथम चरण -5,6 व 7 जून को (1 से 40,000 जनरल रैंक के लिए) -अभिलेखों का सत्यापन (काउंसिलिंग केंद्र पर), 7, 8 व 9 जून तक- विकल्प चयन (इंटरनेट से), 10 जून को कालेज आवंटन कि घोषणा, 10, 11 व 12 जून तक शुल्क जमा (बैंक में)।
द्वितीय चरण - 10,11 व 12 जून को (40001 से 90,000 जनरल रैंक के लिए) अभिलेखों का सत्यापन (काउंसिलिंग केंद्र पर), 13,14 व 15 जून तक - विकल्प चयन (इंटरनेट से), 16 जून को कालेज आवंटन कि घोषणा तथा 16, 17 व 18 जून तक शुल्क जमा (बैंक में)।
तृतीय चरण - 18,19 व 20 जून को (90001 से 1,50,000 जनरल रैंक के लिए), अभिलेखों का सत्यापन (काउंसिलिंग केंद्र पर), 21, 22 व 23 जून तक- विकल्प चयन (इंटरनेट से), 24 जून को कालेज आवंटन कि घोषणा तथा 24, 25 व 26 जून तक शुल्क जमा (बैंक में)
विधिक आदेश पर हस्तक्षेप उचित नहीं : हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में व्यवस्था दी है कि विधिक आदेश पर हस्तक्षेप उचित नहीं है। यदि अधिकारी अपने अधिकारों व कर्तव्यों के दायरे में रहकर विधि सम्मत आदेश देते हैं तो उसमें हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। अदालत अधिकारियों के निर्णय पर अपने विचार थोप नहीं सकती।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह तथा न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खण्डपीठ ने हाजी अब्दुल हाकिम की याचिका पर दिया है। याची ने इस आधार पर सुरक्षा गार्ड की मांग की कि उसके भाई की हत्या 2001 में हुई थी। सजा के खिलाफ अपील 2003 में विचाराधीन है। आरोपी जमानत पर है। जिससे उसके जीवन को खतरा है। जिला स्तरीय कमेटी ने 25 फीसद भुगतान की शर्त पर गार्ड की संस्तुति की। किंतु उच्च स्तरीय कमेटी ने इसे नहीं माना और कहा कि याची के पास लाइसेंसी शस्त्र है, ऐसे में उसे गार्ड नहीं दिया जा सकता।
अदालत ने कहा कि गंभीर आपराधिक मामले के शिकायतकर्ता व गवाहों को सरकारी खर्चे पर सुरक्षा मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है। यह व्यवस्था मुकदमे के विचारण के समय के लिए की गई है। सजा के खिलाफ अपील की सुनवाई के समय पैरवी व गवाही नहीं होती। ऐसे में उच्च स्तरीय कमेटी द्वारा याची की सुरक्षा के लिए लाइसेंसी आयुध होने तथा खतरा न होने के कारण सुरक्षा गार्ड देने से इंकार करना सही है
 टीईटी 27 व 28 जून को
 लखनऊ : कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अनिवार्य की गई अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 27 व 28 जून को आयोजित होगी। सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने टीईटी की तारीखें घोषित कर दी हैं।
27 जून को प्राथमिक स्तर (कक्षा एक से पांच) के लिए टीईटी दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली में पूर्वाह्न 10 से अपराह्न 12.30 बजे तक प्राथमिक स्तर के लिए टीईटी आयोजित होगी। इसी दिन दूसरी पाली में अपराह्न 2.30 से शाम पांच बजे तक प्राथमिक स्तर के भाषा शिक्षकों के लिए टीईटी आयोजित होगी। 28 जून को पहली पाली में पूर्वाह्न 10 से अपराह्न 12.30 बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा छह से आठ) के लिए टीईटी आयोजित होगी। वहीं 28 तारीख को ही दूसरी पाली में अपराह्न 2.30 से शाम पांच बजे तक उच्च प्राथमिक स्तर के भाषा शिक्षकों के लिए टीईटी का आयोजन होगा। परीक्षा परिणाम लिखित परीक्षा के दो से तीन हफ्ते के बाद आने की संभावना है
उच्च प्राइमरी में सीधी भर्ती का नए सिरे से मांगा प्रस्ताव
उच्च प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए बेसिक शिक्षा परिषद से नए सिरे से प्रस्ताव मांगा गया है। शासन ने पूछा है कि भर्ती प्रक्रिया क्या होगी और सहायक अध्यापक पद पर रखे गए शिक्षकों को पदोन्नति और तैनाती की प्रक्रिया क्या होगी। मसलन इन्हें पहले ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती दी जाएगी या फिर शहरी क्षेत्रों में भी दी जाएगी। वहां से प्रस्ताव मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बेसिक शिक्षा अध्यापक शिक्षा नियमावली में उच्च प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान और गणित के शिक्षकों की सीधी भर्ती का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में मौजूदा समय टीईटी पास स्नातक बीटीसी या बीएड वालों को विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण देने के बाद प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक रखा जा रहा है। इन शिक्षकों को पहले ग्रामीण क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों में तैनाती दी जाती है। प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक को उच्च प्राइमरी स्कूलों में अध्यापक पद पर तैनाती देने की व्यवस्था है। पर बेसिक शिक्षा परिषद उच्च प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षकों की कमी को देखते हुए सीधे शिक्षकों की भर्ती करना चाहता है।
इसके आधार पर ही उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित और विज्ञान के 29,333 शिक्षकों के पदों पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसमें यह भी कहा गया था कि प्राइमरी स्कूलों में विज्ञान व गणित शिक्षक के 58,666 पद रिक्त हैं। इसमें 50 फीसदी पदों यानी 29,333 पर सीधी भर्ती की जाएगी और इतने ही पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा।
उच्चाधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श के दौरान यह बात सामने आई कि उच्च प्राइमरी स्कूलों से आने वाले को अध्यापक के पद पर रखा जाता है, जबकि सीधी भर्ती सहायक अध्यापक के पद पर की जाएगी। ऐसे में भविष्य में इन शिक्षकों की पदोन्नति में विवाद भी खड़ा हो सकता है। इसलिए परिषद से स्पष्ट प्रस्ताव देने को कहा गया है।