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Monday, 22 April 2013

Anudeshak bharti , uptet news of 23 april 2013

अनुदेशक भर्ती कीवरिष्ठता सूची जारी करने की तिथि एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है।
अनुदेशक भर्ती की वरिष्ठता सूची जारी करने की तिथि एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। सर्व शिक्षा अभियान अपर परियोजना निदेशक मीना शर्मा के अनुसार 24 अप्रैल को प्रदेश भर के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को वरिष्ठता ऑफ का आंकड़ा कॉम्पैक्ट डिस्क (सीडी) के जरिए सौंपा जाएगा। 25 तारीख को सभी बीएसए अपने जिलोंमें वरिष्ठता सूची और कट ऑफ जारी कर देंगे। परियोजना अपर निदेशक ने बताया कि मुख्य वेबसाइटपर सभी अभ्यर्थी अपनी मेरिट जान सकेंगे। गौरतलब है कि पूर्व में 22-23अप्रैल को वरिष्ठता सूची जारी किए जाने की घोषणा की गई थी। भर्ती के समय घोषित समय सारणी के अनुसार कट ऑफ व मेरिट लिस्ट आठ अप्रैल को घोषित कर 30 अप्रैल से काउंसिलिंग शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया था। उत्तर प्रदेश मेंसंविदा पर अनुदेशकों की भर्ती के लिए 41307 पद घोषित किए गए हैं। प्रमुख सचिवबेसिक शिक्षा सुनील कुमार की ओर से 31 जनवरी 2013 को इस संबंध में एक शासनादेश जारी किया गया था। इसमें सौ छात्र संख्या वाले उच्चप्राथमिक विद्यालयों में कला शिक्षा, शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा और कार्यानुभव शिक्षा के अंशकालिक अनुदेशक भर्ती कीघोषणा की गई है। इसके लिए 25 फरवरी से प्रदेश भर के बीएसए ने विज्ञापन प्रकाशित करवाए थे। 21 मार्च तक आवेदन शुल्क जमा हुए और 23 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन किएगए। 30 अप्रैल को जिला चयन समिति द्वारा काउंसिलिंग, 10 मई को जिलाधिकारी सेअनुमोदन और 15 मई तक तैनाती की जानी है। तैनात किए गए अनुदेशकोंको 16 मई से 30 जून के बीच पांच-पांच दिन का प्रशिक्षणभी दिया जाएगा। एक जुलाई को सभी को तैनाती दे दी जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को उनके निवास स्थल वाले विकास खंड के विद्यालयों में ही तैनाती दी जाएगी।
सरकारी भर्तियों व प्रमोशन को लेकर सरकार की मशीनरी सक्रिय
सत्येंद्र पांडेय, इलाहाबाद : इसे चुनावी लाभ की मंशा कहें या बेरोजगारी कम करने की सरकार की कवायद। सरकारी भर्तियों व प्रमोशन को लेकर सरकार की मशीनरी सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से संबंधित कार्यदायी संस्थाओं व अधिकारियों को इसके लिए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट कर दिया है कि लंबित परीक्षाओं को शीघ्र कराने की व्यवस्था की जाए।
भर्ती पर फोकस : प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) व प्रवक्ता (पीजीटी) 2011 की लंबित परीक्षा सरकार के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। इसमें करीब दो हजार पदों पर अध्यापकों की भर्ती होनी हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की माने तो परीक्षा की तिथि जल्द घोषित की जाएगी। इसके ठीक बाद टीजीटी-पीजीटी 2012 परीक्षा होगी। इसमें में करीब तीन हजार पदों पर भर्ती होने का अनुमान हैं। दोनों परीक्षाओं को इस साल के अंत तक कराने के सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं। यही नहीं प्रदेश के अशासकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यो के रिक्त पड़े डेढ़ हजार पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र इंटरव्यू कराने र काम चल रहा है। सहायक अभियोजन अधिकारी (एपीओ)परीक्षा 2011 है। इसके लिए पूर्व में जारी अधियाचन को सरकार ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से वापिस लेकर नए सिरे से कराने का निर्णय किया है। संशोधित अधियाचन में तीन सौ पदों पर भर्ती का प्रस्ताव है। जबकि निरस्त अधियाचन में रिक्त पदों की संख्या 102 थी। संशोधित अधियाचन जारी होने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
uptet
प्रमोशन की कवायद तेज : इन दिनों पुलिस महकमे में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक के पुलिसकर्मियों के प्रमोशन संबंधी फाइलें तेजी से मूव कर रही हैं। कुछ समय पहले ही इसके लिए आरक्षी एवं मुख्य आरक्षी सेवा नियमावली में बदलाव भी किया गया है। इससे लगभग चालीस लाख आरक्षियों को लाभ मिलने के आसार है। पुलिस में कंप्यूटर आपरेटर ग्रेड- ए और प्रोग्रामर ग्रेड-दो की भी सीधी भर्तियों की तैयारी है। 13 मई से इसके लिए पंजीकरण भी प्रारंभ हो जाएगा। दूसरे विभागों में भी प्रमोशन के लंबित मामलों के निपटारे के निर्देश दिए गए हैं।
सुनियोजित तैयारी : बेशक अधिकारी मामले में खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। लेकिन भर्तियों व प्रमोशन को लेकर सरकारी मशीनरी जिस तत्परता से जुटी है उससे साफ है कि लोकसभा चुनाव के लिए प्लेटफार्म तैयार करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। माध्यमिक सेवा चयन भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष प्रो.देवकी नंदन शर्मा भर्तियों को सामान्य प्रक्रिया मानते हैं। उनके मुताबिक परीक्षाएं लंबित हैं लिहाजा उसे शीघ्र कराना बोर्ड की प्राथमिकता है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जंतर-मंतर पर 12 जून से विरोध-प्रदर्शन
देवरिया : उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश मंत्री अनिल कुमार यादव ने जारी विज्ञप्ति में कहा कि शिक्षामित्रों का मानदेय केंद्रशासित राज्यों के बराबर नहीं हुआ और उन्हें टीईटी से मुक्त नहीं रखा गया, तो आगामी 12 जून से संसद का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्र टीईटी को लेकर भ्रमित न हों। उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा शिक्षामित्रों के संबंध में कोई आदेश अब तक नहीं दिया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई याचिका दायर की गई है। यदि ऐसा आदेश आता भी है, तो संघ सर्वोच्च न्यायालय की शरण लेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों की नियुक्ति नहीं होनी है, बल्कि समायोजन होना है। शिक्षामित्रों की नियुक्ति दो सितंबर 2001 से एक जुलाई 2009 के मध्य हुई है, जबकि आईटीई सितंबर 2009 में लागू हुआ है। इस संबंध में एनसीटीई निदेशक ने राज्य सरकार को पहले ही अपने पत्र में शिक्षामित्रों को पैरा टीचर मानते हुए टीईटी से मुक्त रखने का आदेश दिया था। इसको लेकर राज्य सरकार आदेश भी जारी कर चुकी है, लेकिन केंद्र सरकार एनसीटीई का काला कानून शिक्षामित्रों पर थोपने का प्रयास कर रही है, जिसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शिक्षा में सुधार के लिए निगरानी प्रणाली के साथ बेहतर मैनेजमेंट की व्यवस्था
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्याप्त संख्या में सरकारी स्कूल हैं। बजट की कमी नहीं है। कमी है तो शिक्षकों और बेहतर मैनेजमेंट की। राज्य सरकार को शिक्षा में सुधार के लिए निगरानी प्रणाली के साथ बेहतर मैनेजमेंट की व्यवस्था करनी चाहिए। यही नहीं एक शिक्षा मिशन का अलग से गठन किया जाना चाहिए। यह मिशन शिक्षा में सुधार के साथ निगरानी व्यवस्था और गुणवत्तायुक्त शिक्षा के बारे में सुझाव दे, जिसे सरकार अमल में लाए। यह कहना है राज्य शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. आर. गोविंदा का। वे सोमवार को यहां पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जितना काम यूपी में होना चाहिए, नहीं हो पा रहा है।
shiksha sudhar
प्रो. आर. गोविंदा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून इसलिए बनाया गया कि बच्चों को शिक्षा का हक मिल सके। इसके बावजूद सभी बच्चे इस हक से वंचित हैं। केवल स्कूल खोलने और शिक्षक नियुक्त करने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए बेहतर निगरानी प्रणाली की जरूरत है। शिक्षक स्कूलों में क्या करता है, बच्चों को पढ़ाने के लिए उसे सामग्री मिल रही है या नहीं, इसे भी देखने की जरूरत है। सरकार यह कहकर नहीं बच सकती कि उसके पास संसाधन की कमी है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम कानून नहीं बल्कि उम्मीद है। इसको ध्यान में रखकर ही इसका खाका तैयार किया गया है। बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिले, इसके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य की गई है, लेकिन इसमें बैठने वाले अधिकतर फेल हो रहे हैं।
कॉलेजों में शिक्षकों की कमी का कारण अलग ःप्रो. आर. गोविंदा कहते हैं कि प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का कारण कुछ और है तो डिग्री कॉलेजों में कुछ और। डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया काफी जटिल है। इस प्रक्रिया में भी सुधार की जरूरत है, ताकि उच्च शिक्षण संस्थाओं में भी शिक्षकों की कमी दूर हो सके
रायबरेली। शहर के 11 केंद्रों पर 24 अप्रैल को बीएड प्रवेश परीक्षा -
bed praveshरायबरेली। शहर के 11 केंद्रों पर 24 अप्रैल को बीएड प्रवेश परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा में लगभग 5500 अभ्यर्थी शामिल होंगे। बीएड परीक्षा दीन दयाल विश्वविालय गोरखपुर आयोजित करा रही है। बीएड परीक्षा की तैयारियों को लेकर सोमवार को बचत भवन में प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश चंद्र तिवारी की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई। जिसमें एसडीएम लालगंज, महराजगंज, ऊंचाहार व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह, तहसीलदार राजमुनि यादव को परीक्षा के संबंध में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। शहर के एफजीआईटी में दो, न्यू स्टैंडर्ड रतापुर में दो और गोपाल सरस्वती विा मंदिर में दो केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा राजकीय महिला महाविालय, स्वामी सत्यमित्रानंद, महात्मा गांधी इंटर कालेज, मोहम्मद वसी इंटर कालेज, राजर्षिरामपाल इंटर कालेज बस अड्डा में एक-एक केंद्र बनाया गया है। प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि परीक्षा के दिन केंद्र से 500 मीटर की परिधि में स्थिति सभी फोटोकापी की दुकान व इंटरनेट कैफे बंद रहेंगे। सुरक्षा के लिए केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहेगा।