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Sunday, 21 April 2013

uptet news of 22 april 2013


                                                                         anudehska bhartiपरिषदीय और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अंशकालिक अनुदेशकों के संविदा पर चयन के संबंध में गाइड लाइन जारी--
निज प्रतिनिधि, एटा: परिषदीय और उच्च प्राथमिक स्कूलों में अंशकालिक अनुदेशकों के संविदा पर चयन के संबंध में गाइड लाइन जारी कर दी गई है। राज्य परियोजना निदेशक अमृता सोनी ने बीएसए को पत्र भेजकर दिशा-निर्देश दिए हैं कि काउंसलिंग की तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। यदि इस काउंसलिंग तिथि में निर्धारित संख्या में अभ्यर्थी नहीं आते हैं तो दूसरी काउंसलिंग 8 मई को कराई जाएगी।
मुफ्त एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 100 से अधिक छात्र संख्या वाले परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कला शिक्षा, शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा और कार्य शिक्षा के तहत (कंप्यूटर शिक्षा, गृह विज्ञान तथा संबंधित कला, कृषि शिक्षा तथा उद्यान विज्ञान एवं फल संरक्षण) अंशकालिक अनुदेशकों को संविदा पर नियुक्त करने के लिए आवेदन मांगे गए थे।
निदेशक ने बीएसए को भेजे पत्र में लिखा है कि अंशकालिक अनुदेशकों की तैनाती के लिए आनलाइन आवेदन पत्र एनआइसी लखनऊ के माध्यम से राज्य परियोजना निदेशालय ने प्राप्त कर लिए हैं। इनकी विषय, आरक्षण व वर्गवार सूची बीएसए को उपलब्ध कराई गई है। शासनादेश के अनुसार काउंसलिंग की तैयारी समय से पूरी कर लें। काउंसलिंग में जिले में चयनित सीटों के सापेक्ष ही सामान्य और आरक्षण वार पृथक-पृथक अभ्यर्थियों की मेरिट सूची का कटऑफ समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं। चयन के बाद समिति से अनुमोदन कराया जाए।
बीएसए अपने स्तर से अभ्यर्थियों को काउंसलिंग की सूचना समय से उपलब्ध कराएं। मूल अभिलेखों की जांच के लिए शासनादेश में दिए गए निर्देशों का पालन सही तरीके से किया जाए। काउंसलिंग से पहले जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में भौतिक व मानवीय संसाधनों के अलावा आवश्यक पुलिस बल का भी इंतजाम सुनिश्चित कर लिया जाए। जनपदीय समिति अंशकालिक अनुदेशकों के चयन से संबंधित सारी कार्यवाही पूरी करेगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी शौकीन सिंह यादव ने बताया कि गाइड लाइन के अनुरूप काउंसलिंग की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
सभी जिलों में एक साथ, एक समय पर होगी काउंसलिंग
गाइड लाइन के अनुसार अभ्यर्थी को जनपद निवास संबंधी प्रमाणपत्र चयन सत्यापन के समय समिति के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। असुविधा निस्तारण प्रकोष्ठ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान कार्यालय में गठित होगा। इस प्रकोष्ठ में आवेदनकर्ता द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले प्रत्यावेदन की एक अलग से पंजिका बनाकर एंट्री की जाएगी। समस्त जिलों में अभिलेखों की जांच एक ही तिथि को एक ही समय पर होगी, जिससे अभ्यर्थी दो जिलों में न जा सकें। चयन के बाद अंशकालिक अनुदेशकों को नियुक्त पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यालय में योगदान कराया जाएगा। योगदान देने की तिथि से ही मानदेय देय होगा। प्रशिक्षण के संबंध में निर्देश बाद में जारी किए जाएंगे।
जिले में 270 बेरोजगार पाएंगे नौकरी
जिले में 270 बेरोजगारों को नौकरी मिलेगी। इन अंशकालिक अनुदेशकों को जिले के 90 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में तैनात किया जाएगा।
टीइटी से मुक्त मुक्ति नही दी गई शिक्षामित्र करेंगे आंदोलन
आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष बृजेश चौधरी ने कहा कि बिना मतलब शिक्षा मित्रों का आरटीआइ के तहत टीइटी के संबंध में प्रश्न पूछा जा रहा है। शिक्षा मित्रों को टीइटी देने के लिए मजबूर करना अनुचित है। इससे मुक्ति नही दी गई तो वृहद आंदोलन छेड़ा जाएगा।
उक्त बातें जिलाध्यक्ष ने रविवार को खलीलाबाद में बैठक में कहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति शिक्षा मित्र के प्रशिक्षण को लेकर बीमार पड़ रहे जो चपरासी भी पास नही कर पाएं है। हजारों शिक्षा मित्रों के जीवन को बेवजह विवादित कर रहे है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने जो जवाब आरटीआइ के तहत दिया कि शिक्षा मित्रों को टीइटी देना पड़ेगा। इसका विरोध किया जाएगा। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में हनुमान चौरसिया, रामकरन यादव, जालंधर प्रसाद, वीर बहादुर सिंह, रामराज पाल, उमाकांत, संजय यादव, दुर्गा यादव, शोभनाथ यादव, चंद्र भान यादव, प्रफुल्ल दूबे आदि उपस्थित थे

टीईटी रिजल्ट तैयार होने के बाद ऑप्टिकल मार्क रीडिंग (ओएमआर) शीट की दो बार जांच कराई जाएगी।
tet resuptetबेसिक शिक्षा विभाग ने यह तय किया गया है कि टीईटी रिजल्ट तैयार होने के बाद ऑप्टिकल मार्क रीडिंग (ओएमआर) शीट की दो बार जांच कराई जाएगी। रिजल्ट तैयार करने के बाद दूसरे एजेंसी से इसका पुन: परीक्षण कराया जाएगा, ताकि इसमें इसमें गड़बड़ी की संभावना न के बराबर हो जाए।
परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने टीईटी-2013 के लिए शीघ्र ही विज्ञापन निकालने की तैयारी कर ली है। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी इलाहाबाद चयनित कम्प्यूटर फर्म से कराएंगे। पास होने वाले अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक से संबंधित ओएमआर शीट की दूसरी प्रति का मूल्यांकन किसी अन्य कम्प्यूटर फर्म से कराया जाएगा। क्रॉस चेकिंग के बाद ही परिणाम घोषित किया जाएगा। प्रमाण पत्र के नाम पर धोखाधड़ी न हो सके, इसलिए उस पर पास होने वाले की स्केन कर फोटो लगाई जाएगी।
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उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक बनने की चाह रखने वालों को अभी और इंतजार-
uptetउत्तरप्रदेश में सहायक अध्यापक बनने की चाह रखने वालों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।कारण, बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और दो वर्षीय उर्दू प्रवीणताधारी प्रशिक्षितों को सहायक अध्यापक बनाने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है।
यह भर्ती प्रक्रिया अब टीईटी पर हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद शुरू की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग में हुई उच्चाधिकारियों की बैठक में इस पर सहमति बनी है। विभाग का मानना है कि जब तक टीईटी पर हाईकोर्ट से स्थिति साफ न हो जाए, तब तक भर्ती नहीं की जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश में बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और उर्दू प्रवीणताधारी प्रशिक्षित टीईटी पास करने के बाद सहायक अध्यापक बनने का इंतजार कर रहे हैं।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा था।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने इस पर सहमति दे दी थी। इस पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए शासनादेश जारी किया जाना था, लेकिन हाईकोर्ट में टीईटी का मामला लटक जाने की वजह से यह प्रक्रिया रोक दी गई है। अब यह तय किया गया है कि हाईकोर्ट से टीईटी का मामला साफ होने के बाद ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। इसलिए बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और दो वर्षीय उर्दू प्रवीणताधारी प्रशिक्षितों को अभी शिक्षक बनने के लिए इंतजार करना होगा।
शिक्षक भर्ती के लिएटीईटी को लेकर असमंजस में युवा असमंजस से गुजर रहे
निज प्रतिनिधि, एटा: शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर शासन स्तर पर फिर शुरू हुई सुगबुगाहट के बीच युवा असमंजस से गुजर रहे हैं। पूर्व में परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके अभ्यर्थी भी अभी तक परीक्षा को लेकर फाइनल निर्णय न हो पाने को लेकर गफलत में हैं, वहीं नए सिरे से आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर भी उधेड़बुन शुरू हो गई है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद शिक्षक भर्ती के लिए अभ्यर्थियों को पात्रता परीक्षा अनिवार्य किए जाने के बाद बसपा शासन में हुई परीक्षा परिणाम घोषित होने के बावजूद भी अभी विवादों और न्यायालय के दर पर ही दस्तक दे रही है। हालांकि बसपा शासन में हुई पात्रता परीक्षा में जिले के भी 20 हजार से अधिक अभ्यर्थी उत्तीर्ण तो हो गए, लेकिन परीक्षा में घपलेबाजी को लेकर पहले न्यायालय और फिर शासन की जांच अभी भी परीक्षा अटकी होने के कारण उत्तीर्ण होकर भी एक बड़ा युवाओं का तबका नौकरी से अछूता तो है ही, वहीं भाग्य को भी कोस रहा है। पूर्व की परीक्षा को अभी हरी झंडी न्यायालय ने नहीं दी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने को लेकर हाल ही में तय किए गए मसौदे के बाद पहले ही परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके युवाओं के सामने असमंजस के हालात हैं। इस तबके में फिलहाल इसको लेकर बहस तेज हो गई है, पहले से परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके यह अभ्यर्थी अब नई परीक्षा में सम्मलित हों या नहीं। पूर्व की परीक्षा विवादों में है। ऐसे में परीक्षा निरस्त न हो जाए या फिर दूसरी परीक्षा में भी सम्मलित होने का मौका हाथ से न निकल जाए, असमंजस अभ्यर्थियों में नजर आ रहा है। शास ने 25 अप्रैल तक पुन: पात्रता परीक्षा कराने के लिए विज्ञप्ति जारी करने की घोषणा की है।

पिछले साल टीईटी उत्तीर्ण कर चुके प्रवीन तिवारी का कहना है, अपनी पात्रता साबित करने के बाद भी उनका भविष्य अंधेरे में है। फिलहाल यह परीक्षा भी देंगे, पहले की परीक्षा का कोई भरोसा नहीं। संजीव दिवाकर का कहना है, सरकार पूर्व टीईटी पर पहले निर्णय स्पष्ट करे, उसके बाद ही दूसरी परीक्षा कराई जाए। अन्यथा पहले परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले के बर्बाद हुए समय की भरपाई कैसे हो पाएगी। अन्य तमाम टीईटी भी यही चाहते हैं कि सरकार पहले पूर्व टीईटी पर निर्णय को फाइनल टच दे, तभी दूसरी परीक्षा कराए